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अज़मेर  में सूफ़ी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में रखी  दान पेटियों में दूर-दराज के जायरीन बतौर नजराना नोट और सिक्के डालते हैं जो यह राशि दरगाह के भवनों और जायरीन के सुधिवाओं के विकास में खर्च की होती हैं आज गिनती का काम शुरू हो गया हैं पूरा होने पर राशि को बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी|

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