0 Comments
Spread the love

हजऱत ख्वाज मोइनुद्दीन चिश्ती के 809  वें उर्स का  समापन्न बड़े कुल की रस्म के साथ हो गया है।
और आज चाँद की 9 तारीख है।
हर साल आज ही के दिन एक दिन के बादशाह  निज़ाम सिक्का का उर्स मनाया जाता है। निज़ाम सिक्का का मज़ार गरीब नवाज की दरगाह में अहाता-ए-नूर के पास मौजूद है।   बादशाह हुमायूँ की जान निज़ाम सिक्का ने बचाई थी। जिसपर बादशाह हुमाययूँ ने निज़ाम सिक्का से कहा था कि जो चाहो मांग लो। निज़ाम सिक्का ने उस वक्त तो कुछ नही मांगा
निज़ाम सक्का ने बादशाह हुमायूँ से एक दिन की बादशाहत मांगी। जिसपर हुमायूँ राज़ी हो गए।और निज़ाम सिक्का को एक दिन का सुल्तान बना दिया।
निज़ाम सिक्का ने बादशाह बनने के बाद जो उन्होंने अपनी पानी की मशक को काट कर गोल गोल सिक्के बना रखे थे उनपर सोने की मोहर लगवाई।ओर वो सिक्के चलने लगे। तभी से निज़ाम सिक्का को एक दिन का बादशाह  कहा जाने लगा। भिश्ती समाज  के लोगों ने आज धूम धाम से चादर का जुलूस निकाला और साथ ही क़व्वाली के नजऱाने पेश करते हुए दरगाह में मौजूद निज़ाम सिक्का की मज़ार पर चादर ओर अकीदत के पल पेश किए
निज़ाम सिक्का की मज़ार पर चादर पेश की ओर मुल्क में अमन चैन,तरक्की , खुशहाली की दुआ मांगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *