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इस बार रंगों के त्योहार होली पर कोरोना का साया है। होली के दिन भी बाजारों से रौनक गायब है। होलिका दहन पर भी संशय बना हुआ है। बाजारों में रंगों व पिचकारियों की दुकानें जरूर सजी हुई है लेकिन ग्राहक नाममात्र आ रहे हैं। लॉकडाउन के बाद सामान्य हो रहे जनजीवन को देखते हुए दुकानदारों ने रंगों की खरीदारी भी की थी ताकि होली पर अच्छी कमाई की जा सके। मगर एकदम से कोरोना केस बढ़ने के बाद लोगों में भय की स्थिति है। यही कारण है कि चाइनीज या केमिकल युक्त रंग तो क्या पिचकारियां व गुलाल लेने में भी लोगों की दिलचस्पी नहीं है।

रंग दुकानदार बाइट ।

दुकानदारों के अनुसार सामान्य माहौल में होली से सप्ताह भर पहले ही रंग व पिचकारी की दुकानों पर खरीदारी शुरू हो जाती थी। बच्चों में पिचकारियां खरीदने का उत्साह होता था। डिजाइनदार पिचकारियों की बच्चे खूब मांग करते थे। मगर इस बार ऐसा कुछ नहीं है।

रंग दुकानदार बाइट ।

होलिका दहन शुभ मुहूर्त में करने की सलाह दी जाती है। भद्रा के समय में होलिका दहन नहीं किया जाता है। इस बार दोपहर 1 बजे तक भद्रा समाप्त हो जाएगा। जिस कारण आप प्रदोष काल शाम के समय में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट के बीच होलिका दहन कर सकते हैं। वहीं होलिका दहन के दिन शुभ योगों में से सर्वोत्तम योग सर्वार्थ सिद्धी योग भी लगा हुआ है।
पंडित जी बाइट
यूं तो शहर में होलिका दहन सामग्री की अधिकांश दुकानों पर होली पर खरीदारों की भीड़ लगती हैं। सामान्य माहौल में छोटे दुकानदार एक दिन में 500 से एक हजार रुपये की बिक्री कर देते थे। मगर इस बार बिक्री में 60 फीसदी तक की गिरावट आई हुई है। हालात ऐसे हैं कि गारमेंट्स की दुकान चलाने वालों ने भी इस बार रंगों व पिचकारियों की स्टाल लगवाई, लेकिन वहां भी ग्राहक नाममात्र ही दिखे। शहर के दुकानदारों का मानना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से पहले की तुलना में बिक्री में 60 फीसदी तक गिरावट आई है। फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है इसलिए लोग खरीदारी नहीं कर रहे।

होली दहन सामग्री दुकानदार वाइट और खरीदार

उधर, अजमेर में जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू कर दी गई है। होली पर चार से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे। लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई कोरोना संबंधी गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है। धारा 144 लागू करने के आदेश जारी करते हुए पुलिस प्रशासन को भी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन बाइट
भाई चर्म रोग विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर राजकुमार कोठीवाला ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते नेचुरल कलर का उपयोग होली खेलने के लिए किया जाए जिससे आंख बाल और शरीर की त्वचा को कोई नुकसान ना हो।
बाइट डॉ राजकुमार कोठीवाला

होली एकता ओर भाईचारे का प्रतीक है। होलिका दहन का प्रकाश बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। जिला वासी कोरोना महामारी के बीच होली को सावधानी व सजगता के साथ घर रहकर मनाएं, ताकि संक्रमण का फैलाव न हो।
होली की खुशियों के साथ-साथ हमें कोरोना संक्रमण को भी रोकना है इसलिए एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू की गई है ताकि एक स्थान पर लोगों का जमावड़ा न लगे।

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